कोई भी कंपनी सफलता की उड़ान भरना चाहती है और यह चाहती है कि उसके यहां वर्किंग कल्चर टॉप पर रहे, तो यह जरूरी है कि वहां पर किए जाने वाले हर अच्छे काम की तारीफ हो। इसे एक मानवीय आवश्यकता माना जा सकता है। इससे एम्प्लॉयीज दोगुनी रफ्तार से परफॉर्म देते हैं। वर्किंग प्लेस पर हर एक अच्छे लीडर से यह अपेक्षा की जाती है कि वह एम्प्लॉइज और टीम का हौसला बढ़ाए। हर एक अच्छे काम की तारीफ करे। उसे पता होता है कि एम्प्लॉयीज की बड़ाई करके कैसे एक अच्छी टीम को बिल्ड किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कंपनी को एम्प्लॉयीज की बड़ाई और उनके हौसले को बढ़ाने के लिए किन तरीकों को फॉलो करना चाहिए।
अवॉर्ड देना
जो एम्प्लॉयीज आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस दे रहे हैं, कंपनी के नॉर्म्स और वैल्यू के अनुसार काम करने वाले एम्प्लॉयीज की पहचान करना और उन्हें आवॉर्ड देना सही फैसला होता है। इससे कंपनी में एक अच्छा माहौल बनता है। कंपनी उनके साथ-साथ सारे एम्प्लॉयीज के हौसले को बढ़ाने का काम करती है। टेस्को बेंगलुरु में डायरेक्टर पीपल ऐंड कॉरपोरेट कम्युनिकेशन निक विलियम्स कहते हैं कि अच्छा तो यह होता है कि ऐसे अवॉर्ड को एक कॉलीग द्वारा दूसरे को दिलवाना चाहिए। इससे हेरार्की सिस्टम अपने आप खत्म हो जाती है और वे एक-दूसरे को अच्छे से समझ पाते हैं, मदद कर पाते हैं।
सही पहचान देना
कंपनी के बॉस या हाई मैनेजमेंट की जिम्मेदारी और जवाबदेही बनती है कि वह एम्प्लॉयी को थैंक्स बोले कि उसने प्रॉजेक्ट को सही तरीके से ऑन द टाइम खत्म किया है। वर्कप्लेस पर एक लीडर जब ऐसे तारीफ करता है, तो एम्प्लॉयी और टीम दोनों का ही हौसला बढ़ता है। उसे लगता है कि व्यक्तिगत तौर पर उसे काम करने पर कंपनी में पहचान मिली है। कैपिटल वाया ग्लोबल सर्च के फाउंडर और सीईओ रोहित कहते वर्कप्लेस पर जो व्यक्ति कंपनी में उम्मीद से बेहतर परफॉर्म कर रहा है, तो कंपनी को चाहिए कि कंपनी के सीईओ से एम्प्लॉयीज की हौसला अफजाई करने के ये आसान तरीके हैं कि यह याद रखें कि इस थैंक्स के बड़े मायने होते हैं। इसका असर दूर तक दिखाई देता है। इसके साथ ही व्यक्तिगत रूप से की गई तारीफ का असर भी साफ दिखाई देता है। इसलिए यह जरूरी है कि ऐसे एम्प्लॉयीज को सही पहचान दें।
हर चीज हो इंस्पायरिंग
ऑफिस की हर एक वॉल ऐसी होनी चाहिए, जिसपर नजर पड़ते ही एम्प्लॉयीज इंस्पायर हो सकें। वॉल पर टंगी हुई पिक्चर्स न सिर्फ वर्कप्लेस को सुंदर बनाती हैं, बल्कि इसके जरिए आप अपने एम्प्लॉयीज को प्रॉपर मेसेज भी दे पाते हैं। उन्हें आप बेटर के लिए प्रेरित कर सकते हैं। विलियम्स कहते हैं कि कंपनी की दीवारों पर कंपनी ओर पर्सनल एम्प्लॉयीज की अचीवमेंट्स को प्लेस करना एक अच्छा आइडिया होता है। वे अपनी प्रशंसा को देखकर और उत्साहित होकर काम करते हैं और इस तरह से उन्हें आगे बढ़ने के लिए पुश किया जा सकता है।
सीईओ के साथ लंच का आइडिया
उसकी मीटिंग फिक्स कराए। अच्छा रहेगा कि एम्प्लॉइज के साथ लंच फिक्स करे और सीईओ को उसके काम के बारे में विस्तृत जानकारी दे। कैपिटल वाया ग्लोबल सर्च के फाउंडर और सीईओ रोहित कहते हैं कि इससे एम्प्लॉयीज के परफॉर्मेंस में बेहद सुधार हो जाता है। वे इससे काफी मोटिवेट होते हैं। इससे बाकी एम्प्लॉयीज भी बेटर परफॉर्मेंस की ओर बढ़ने की कोशिश करते हैं और किसी भी कंपनी का यही मोटो होना चाहिए।
लंबे समय तक करें तारीफ
ऐसा नहीं है कि एम्प्लॉइज के किसी बड़े और अच्छे काम की तारीफ सिर्फ एक बार करके रूक जाएं। कंपनी को चाहिए कि लॉन्ग टर्म तक ऐसे लोगों की तारीफ करें। इससे वे लॉन्ग टर्म तक मोटिवेट रह सकते हैं और इसका सीधा असर कंपनी के रिजल्ट पर दिखाई देता है। इसका एक फायदा यह भी होता है कि एम्प्लॉयी लॉन्ग टर्म के लिए खुद को कंपनी के साथ जोड़ता है। विलियम्स कहते हैं कि उन एम्प्लॉयीज की खास तौर पर तारीफ बनती है, जो काफी लंबे अरसे से कंपनी के लिए बेहतर करते चले आए हैं।
अवॉर्ड देना
जो एम्प्लॉयीज आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस दे रहे हैं, कंपनी के नॉर्म्स और वैल्यू के अनुसार काम करने वाले एम्प्लॉयीज की पहचान करना और उन्हें आवॉर्ड देना सही फैसला होता है। इससे कंपनी में एक अच्छा माहौल बनता है। कंपनी उनके साथ-साथ सारे एम्प्लॉयीज के हौसले को बढ़ाने का काम करती है। टेस्को बेंगलुरु में डायरेक्टर पीपल ऐंड कॉरपोरेट कम्युनिकेशन निक विलियम्स कहते हैं कि अच्छा तो यह होता है कि ऐसे अवॉर्ड को एक कॉलीग द्वारा दूसरे को दिलवाना चाहिए। इससे हेरार्की सिस्टम अपने आप खत्म हो जाती है और वे एक-दूसरे को अच्छे से समझ पाते हैं, मदद कर पाते हैं।
सही पहचान देना
कंपनी के बॉस या हाई मैनेजमेंट की जिम्मेदारी और जवाबदेही बनती है कि वह एम्प्लॉयी को थैंक्स बोले कि उसने प्रॉजेक्ट को सही तरीके से ऑन द टाइम खत्म किया है। वर्कप्लेस पर एक लीडर जब ऐसे तारीफ करता है, तो एम्प्लॉयी और टीम दोनों का ही हौसला बढ़ता है। उसे लगता है कि व्यक्तिगत तौर पर उसे काम करने पर कंपनी में पहचान मिली है। कैपिटल वाया ग्लोबल सर्च के फाउंडर और सीईओ रोहित कहते वर्कप्लेस पर जो व्यक्ति कंपनी में उम्मीद से बेहतर परफॉर्म कर रहा है, तो कंपनी को चाहिए कि कंपनी के सीईओ से एम्प्लॉयीज की हौसला अफजाई करने के ये आसान तरीके हैं कि यह याद रखें कि इस थैंक्स के बड़े मायने होते हैं। इसका असर दूर तक दिखाई देता है। इसके साथ ही व्यक्तिगत रूप से की गई तारीफ का असर भी साफ दिखाई देता है। इसलिए यह जरूरी है कि ऐसे एम्प्लॉयीज को सही पहचान दें।
हर चीज हो इंस्पायरिंग
ऑफिस की हर एक वॉल ऐसी होनी चाहिए, जिसपर नजर पड़ते ही एम्प्लॉयीज इंस्पायर हो सकें। वॉल पर टंगी हुई पिक्चर्स न सिर्फ वर्कप्लेस को सुंदर बनाती हैं, बल्कि इसके जरिए आप अपने एम्प्लॉयीज को प्रॉपर मेसेज भी दे पाते हैं। उन्हें आप बेटर के लिए प्रेरित कर सकते हैं। विलियम्स कहते हैं कि कंपनी की दीवारों पर कंपनी ओर पर्सनल एम्प्लॉयीज की अचीवमेंट्स को प्लेस करना एक अच्छा आइडिया होता है। वे अपनी प्रशंसा को देखकर और उत्साहित होकर काम करते हैं और इस तरह से उन्हें आगे बढ़ने के लिए पुश किया जा सकता है।
सीईओ के साथ लंच का आइडिया
उसकी मीटिंग फिक्स कराए। अच्छा रहेगा कि एम्प्लॉइज के साथ लंच फिक्स करे और सीईओ को उसके काम के बारे में विस्तृत जानकारी दे। कैपिटल वाया ग्लोबल सर्च के फाउंडर और सीईओ रोहित कहते हैं कि इससे एम्प्लॉयीज के परफॉर्मेंस में बेहद सुधार हो जाता है। वे इससे काफी मोटिवेट होते हैं। इससे बाकी एम्प्लॉयीज भी बेटर परफॉर्मेंस की ओर बढ़ने की कोशिश करते हैं और किसी भी कंपनी का यही मोटो होना चाहिए।
लंबे समय तक करें तारीफ
ऐसा नहीं है कि एम्प्लॉइज के किसी बड़े और अच्छे काम की तारीफ सिर्फ एक बार करके रूक जाएं। कंपनी को चाहिए कि लॉन्ग टर्म तक ऐसे लोगों की तारीफ करें। इससे वे लॉन्ग टर्म तक मोटिवेट रह सकते हैं और इसका सीधा असर कंपनी के रिजल्ट पर दिखाई देता है। इसका एक फायदा यह भी होता है कि एम्प्लॉयी लॉन्ग टर्म के लिए खुद को कंपनी के साथ जोड़ता है। विलियम्स कहते हैं कि उन एम्प्लॉयीज की खास तौर पर तारीफ बनती है, जो काफी लंबे अरसे से कंपनी के लिए बेहतर करते चले आए हैं।
मोबाइल ऐप डाउनलोड करें और रहें हर खबर से अपडेट।